जीवन में जीवन से बड़ा कुछ नहीं होता
"तेरा इंतज़ार ठहरा था आँखों में, आज वो भी बह गया
कितना कुछ बताना था तुझे पर सब अनकहा ही रह गया "
जीवन कितना अनिश्चित होता जा रहा है ये एहसास हमे तब होता है जब हमारा कोई अपना हमसे दूर हो जाता है | आपको याद आती है वो आखरी मुलाकात , वो बातें , वो हंसी मज़ाक , और कुछ नहीं | कभी कही अगर कुछ गिले शिकवे भी हो तो , उस वक़्त और आगे भी वो सब बेमानी हो जाता है |
हम भविष्य की योजनाए बनाते है पर भूल जाते है की शायद अगले ही पल शायद उन योजनाओं को पूरा होते देखने के लिए हम ही ना रहे |
हर कोई अपनी ज़िन्दगी की लड़ाई लड़ रहा है , शुक्र मनाये अगर
* आपका परिवार है |
* कुछ अपने है जिनसे जीवन रस में खट्टे और मीठे का संतुलन है |
* कुछ दोस्त है , जो आपकी ढाल है |
जीवन कभी नहीं रुकता , वो चलता ही रहेगा , जितना समय है हमारे पास , उसे अपनों के साथ , अपनों के लिए ही जिये | जीवन के तनाव , परेशानिया तो जीवन भर ख़त्म नहीं होंगी |
अच्छे बुरे पल आते जाते रहेंगे | दिल भी टूटेगा , कहीं अपार प्रेम मिलेगा तो कहीं धोखा भी मिलेगा, आपसे गलतिया भी होंगी , कुछ ऐसे काम भी होंगे जो नहीं होने चाहिए , पर फिर भी जीवन में जीवन से बड़ा कुछ नहीं होता क्यूंकि जीवन में होने वाली हर घटना एक अनुभव है |
उपरवाले का धन्यवाद देते चले, अपने और अपनों के लिए , क्यूंकि कब किस समय एक इंसान सिर्फ यादों में ही रह जाएगा कोई नहीं जानता , तब पछताने के अलावा और कोई विकल्प नहीं होगा
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